प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: 'पल्मोनरी एम्बोलिज्म' (Pulmonary Embolism) बनी मौत की वजह!
Major Revelation in Prateek Yadav's Post-mortem Report
Major Revelation in Prateek Yadav's Post-mortem Report, सपा मुखिया अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव के बुधवार को हुए निधन से यादव परिवार और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें Pulmonary Embolism (पल्मोनरी एम्बोलिज्म) ऐसी स्थिति होने का खुलासा हुआ है।
क्या है पल्मोनरी एम्बोलिज्म?
प्रतीक यादव PM रिपोर्ट में ulmonary Embolism (पल्मोनरी एम्बोलिज्म) का जिक्र है। तो पल्मोनरी एम्बोलिज्म से शरीर में बना खून का थक्का बन जाता है। खून अक्सर पैरों की नसों से निकलकर फेफड़ों की धमनियों में फंस जाता है। इससे फेफड़ों तक खून और ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक रुकने लगता है। फेफड़ों में खून का प्रवाह रुक जाने से मौत हो जाती है। खून रुकने से शरीर को ऑक्सीजन नहीं मिलती है। दिल के दाहिने हिस्से पर बहुत ज्यादा दबाव महसूस होता है, जिससे हार्ट फेल हो सकता है। लेकिन इस मामले में बड़ा क्लॉट होने से अचानक सांसे रुकने से प्रतीक यादव की मौत हो गई।
क्या बोले डॉक्टर
लखनऊ सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) देवेश चंद्र पांडे ने बताया कि प्रतीक यादव की तबीयत एकाएक खराब हुई थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) देवेश चंद्र पांडे ने आईएएनएस को बताया, "सुबह 5.55 बजे प्रतीक यादव को सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। मृत घोषित किए जाने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा करके प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।सीएमएस ने बताया कि उनकी एकाएक तबीयत खराब हुई थी। सुबह लगभग 5.30 बजे प्रतीक यादव का ड्राइवर आया था। अस्पताल से एक डॉक्टर उनके साथ गए। स्थिति नाजुक होने पर प्रतीक को तुरंत अस्पताल लाया गया। वे सुबह करीब 5.55 बजे अस्पताल पहुंचे, लेकिन उस समय प्रतीक यादव का निधन हो चुका था।
सीएमएस देवेश चंद्र पांडे ने कहा, "मैं जब अस्पताल पहुंचा था, तब तक प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका था। मुझे साथी डॉक्टरों ने बताया कि शरीर में कुछ नहीं बचा है। पल्स भी नहीं चल रही थी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रतीक यादव की मौत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के नेता उनकी मौत के बाद जांच की मांग कर रहे हैं।
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का दावा है कि प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के निशान भी थे। उन्होंने कहा, "मुझे यह भी पता चला है कि प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के निशान भी थे। मैं बस इतना कह सकता हूं कि उनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। इसलिए, जांच होनी चाहिए कि मौत का क्या कारण है?